धार में वराह मार्च को लेकर हाई अलर्ट: 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, 20 से ज्यादा नेता हिरासत में — जानें पूरा मामला
धार में वराह मार्च को लेकर हाई अलर्ट: 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, 20 से ज्यादा नेता हिरासत में — जानें पूरा मामला
मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक नगरी धार में भोजशाला के बाद अब लाट मस्जिद परिसर को लेकर शुरू हुआ विवाद चर्चा के केंद्र में आ गया है। 15 सितंबर को सनातन प्रहरी समिति द्वारा शहर में प्रस्तावित 'वराह मार्च' (वाहन रैली) को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नज़र आई। शहर की शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े एहतियाती कदम उठाए हैं।
आइए विस्तार से समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और धार में आज की स्थिति कैसी है।
त्वरित मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- अनुमति निरस्त: जिला प्रशासन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए वराह मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया ।
- भारी पुलिस बल: शहर में सुरक्षा के लिहाज से 1,000 से अधिक पुलिस जवान और अधिकारी तैनात किए गए ।
- 20 से अधिक हिरासत में: बिना अनुमति रैली निकालने पर अड़े आयोजक और कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया ।
- फ्लैग मार्च व चेकिंग: संवेदनशील इलाकों और चौराहों पर पुलिस ने सघन चेकिंग और फ्लैग मार्च किया।
1. क्या है पूरा विवाद? (मामले की पृष्ठभूमि)
धार शहर के बस स्टैंड के समीप स्थित लाट मस्जिद परिसर के पाषाण स्तंभ को लेकर हिंदू पक्ष द्वारा दावा किया गया है कि यह प्राचीन 'विजय मंदिर' का हिस्सा है और यहां वराह की आकृति मौजूद है ।
इसी आधार पर सनातन प्रहरी समिति और स्थानीय संगठनों ने वराह जयंती के उपलक्ष्य में 15 सितंबर को शहर में एक विशाल वराह मार्च व वाहन रैली निकालने का आह्वान किया था ।
2. प्रशासन का कड़ा रुख: अनुमति देने से इनकार
मामले की संवेदनशीलता और पूर्व के घटनाक्रमों को देखते हुए धार जिला प्रशासन ने इस रैली की अनुमति नहीं दी।
- प्रशासन का कहना था कि बिना पूर्व सहमति और संवेदनशील माहौल में इस प्रकार के बड़े जुलूस से शहर की शांति और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है ।
- प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी संगठन को बिना अनुमति के रैली, जुलूस या मार्च निकालने की इजाजत नहीं होगी।
3. पुलिस का बड़ा एक्शन: 20 से अधिक लोग हिरासत में
अनुमति रद्द होने के बावजूद कुछ संगठनों द्वारा रैली निकालने के ऐलान के बाद पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया:
- मंगलवार की सुबह से ही धार शहर और आसपास के इलाकों में दबिश देकर सनातन प्रहरी समिति से जुड़े आयोजक और 20 से अधिक प्रमुख पदाधिकारियों को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया ।
- शहर के प्रवेश द्वारों और प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स लगाकर वाहनों की गहन तलाशी ली गई ताकि बाहरी लोगों का अनावश्यक जमावड़ा न हो सके।
4. शहर में छावनी जैसा माहौल, चप्पे-चप्पे पर पहरा
धार शहर के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड, लाट मस्जिद क्षेत्र और पुराने शहर के संवेदनशील हिस्सों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया:
- जिले के विभिन्न थानों के बल के साथ-साथ रिजर्व पुलिस बल और अतिरिक्त बटालियन को मैदान में उतारा गया ।
- पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में शहर के मुख्य मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला गया, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनाए रखना था।
- साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (WhatsApp, Facebook, X) पर पैनी नज़र रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ सामग्री का प्रसार न हो।
5. प्रशासन की आम जनता से अपील
धार जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने आम नागरिकों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि:
- किसी भी अनधिकृत भीड़ या जुलूस का हिस्सा न बनें।
- सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली खबरों या अफवाहों को फॉरवर्ड न करें।
- कानून तोड़ने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष (Conclusion)
धार में ऐतिहासिक धरोहरों और आस्था से जुड़े संवेदनशील विषयों पर प्रशासन की तत्परता से फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बनी हुई है। पुलिस की समय रहते की गई निवारक कार्रवाई ने किसी भी संभावित तनाव को टाल दिया है।
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