धार के ज्ञानपुरा गांव में विकसित होगा एस्ट्रो-टूरिज्म केंद्र
धार के ज्ञानपुरा गांव में विकसित होगा एस्ट्रो-टूरिज्म केंद्र
धार, मध्य प्रदेश |
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने आदिवासी पर्यटन परियोजना के तहत धार जिले के ज्ञानपुरा गांव को एस्ट्रो-टूरिज्म के लिए विकसित करने की पहल शुरू की है। यह योजना राज्य के छह जिलों के छह गांवों में शुरू की जा रही परियोजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य कम प्रकाश प्रदूषण वाले ग्रामीण क्षेत्रों में तारों को देखने, खगोल-विज्ञान समझने और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने का अनुभव तैयार करना है।
परियोजना के पहले चरण में धार के ज्ञानपुरा के अलावा छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह और उमरिया जिलों के एक-एक गांव को शामिल किया गया है। इन स्थानों पर रात के आकाश को पर्यटन अनुभव का मुख्य केंद्र बनाया जाएगा।
दूरबीन से लेकर स्टार-गेजिंग प्लेटफॉर्म तक
उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार, चयनित गांवों में दूरबीन, बाइनोक्युलर, एस्ट्रोफोटोग्राफी कैमरे और तारों को देखने के लिए विशेष प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे। आगंतुकों को तारों, ग्रहों और आकाशगंगा के बारे में जानकारी देने के लिए व्याख्या केंद्र भी बनाए जाने की योजना है।
इस पहल में स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर भी जोर दिया गया है। चयनित गांवों के युवाओं को नक्षत्रों, खगोलीय घटनाओं और पर्यटकों को जानकारी देने से जुड़े विषयों पर 90 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें ‘एस्ट्रो गाइड’ के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बन सकते हैं।
धार के लिए संभावित लाभ
ज्ञानपुरा में यह परियोजना सफल रहती है तो धार जिले के ग्रामीण पर्यटन को एक नया विषय मिल सकता है। प्राकृतिक अंधेरे वाले क्षेत्रों का उपयोग करते हुए पर्यटक अनुभव तैयार करने से स्थानीय होम-स्टे, मार्गदर्शक सेवाओं और छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, परियोजना की सुविधाएं कब तक पूरी होंगी और संचालन की विस्तृत समय-सारणी क्या होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

Join the conversation