धार में 9.71 करोड़ का आधुनिक बस स्टैंड 10 माह से अधूरा: काम बंद होने से बढ़ी यात्रियों की फजीहत, नागरिकों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
धार में 9.71 करोड़ का आधुनिक बस स्टैंड 10 माह से अधूरा: काम बंद होने से बढ़ी यात्रियों की फजीहत, नागरिकों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मध्य प्रदेश के धार शहर में आधुनिक सुविधाओं से लैस नए बस स्टैंड की सौगात फिलहाल अधर में लटकी नजर आ रही है। शहर में लगभग ₹9.71 करोड़ की लागत से स्वीकृत आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण कार्य पिछले करीब 9 से 10 महीनों से पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य अधूरा छूट जाने से शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा रही है और रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को धूल, धूप और अव्यवस्था के बीच परेशान होना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है और मंगलवार को लोगों ने विधायक व प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जल्द काम शुरू कराने की मांग की है।
इन 4 बिंदुओं में समझें पूरा मामला:
- बड़ा बजट, फिर भी काम अधूरा: शहर को व्यवस्थित करने के लिए ₹9.71 करोड़ की लागत से आधुनिक बस स्टैंड स्वीकृत हुआ था।
- 10 महीने से सन्नाटा: निर्माण एजेंसी द्वारा काम बीच में ही रोक दिया गया, जिससे साइट पर केवल अधूरा ढांचा खड़ा है।
- यात्रियों की परेशानी: पुराने बस स्टैंड और वैकल्पिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं (बैठने की जगह, पेयजल, शेड) के अभाव में यात्री परेशान हैं।
- प्रशासन को चेतावनी: स्थानीय नागरिकों और संगठनों ने ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन की राह पकड़ेंगे।
बजट और तकनीकी पेंच में फंसा निर्माण
जानकारी के अनुसार, धार शहर के बढ़ते दायरे और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एक सुसज्जित और आधुनिक बस स्टैंड का खाका तैयार किया गया था। शुरुआत में काम तेजी से चला, लेकिन पिछले 10 महीनों से निर्माण स्थल पर मशीनों और मजदूरों की आवाजाही पूरी तरह थमी हुई है। बताया जा रहा है कि फंड के आवंटन, तकनीकी स्वीकृतियों और प्रशासनिक समन्वय की कमी के चलते निर्माण एजेंसी ने हाथ पीछे खींच लिए हैं।
बदहाल व्यवस्था के बीच यात्रियों का सफर
निर्माण कार्य रुकने का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है:
- ट्रैफिक जाम: वर्तमान अस्थायी व्यवस्था के चलते मुख्य मार्गों पर बसों की कतारें लग रही हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
- सुविधाओं का टोटा: न तो यात्रियों के लिए व्यवस्थित प्रतीक्षालय है और न ही पीने के पानी या साफ शौचालय की समुचित व्यवस्था। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को खुले में बसों का इंतजार करना पड़ता है।
नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी
लंबे समय से निर्माण कार्य ठप रहने से नाराज शहरवासियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर मोर्चा खोला है। मंगलवार को नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय विधायक, जिला प्रशासन और नगरपालिका अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि:
- बस स्टैंड के अधूरे काम की रुकावटों को तुरंत दूर किया जाए।
- आवश्यक बजट जारी कर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया जाए।
- तय समय-सीमा के भीतर शहर को नया बस स्टैंड समर्पित किया जाए।
स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाया, तो नगरवासी चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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