धार में UPI पर 0.4% चार्ज का कड़ा विरोध: 2000 से अधिक के लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क के खिलाफ व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन

धार के व्यापारियों ने UPI पर प्रस्तावित 0.4% MDR शुल्क के खिलाफ कलेक्ट्रेट में पीएम मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। जानिए व्यापारियों की प्रमुख मांगें।

 धार जिले के व्यापारिक वर्ग में डिजिटल पेमेंट पर लगने वाले संभावित नए शुल्क को लेकर भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार व वित्तीय नियामक स्तर पर 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) प्रस्तावित किए जाने की चर्चाओं के बीच धार के व्यापारी लामबंद हो गए हैं।



कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी एकत्रित होकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम तहसीलदार दिनेश कुमार उईके को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों और आम नागरिकों ने ऑनलाइन लेनदेन को अपनाया, लेकिन अब उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाना अनुचित है।

व्यापारियों की मुख्य चिंताएं:

  • मुनाफे पर सीधा असर: छोटे और मध्यम दुकानदारों का मार्जिन पहले से ही सीमित है। 0.4% का अतिरिक्त शुल्क उनके सीधे लाभ को प्रभावित करेगा।

  • कैशलेस मुहिम को झटका: चार्ज लगने से दुकानदार और ग्राहक दोबारा नकदी (Cash) लेनदेन की ओर मुड़ सकते हैं।

  • पारदर्शिता की मांग: व्यापारियों ने मांग की है कि 2,000 रुपये से अधिक के सभी व्यक्तिगत और व्यापारिक UPI पेमेंट्स को पूरी तरह से निशुल्क ही रखा जाए।