भिलाई में ट्रेडिंग के नाम पर 1100 करोड़ का बड़ा फ्रॉड, हजारों निवेशक ठगी के शिकार

छत्तीसगढ़ के भिलाई में ट्रेडिंग निवेश के नाम पर करीब 1100 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। हजारों निवेशकों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की

भिलाई में ट्रेडिंग निवेश घोटाला, 1100 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप

भिलाई: छत्तीसगढ़ के सुपेला क्षेत्र में ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों का दावा है कि यह धोखाधड़ी करीब 1100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है और जांच आगे बढ़ने पर रकम और बढ़ने की आशंका है।

बताया जा रहा है कि इस मामले में हजारों लोग अपनी जमा पूंजी गंवा चुके हैं। कई पीड़ित शिकायत दर्ज कराने के लिए सुपेला थाना पहुंचे और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।


कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने खुद को ट्रेडिंग से जुड़ा बताकर लोगों को निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में निवेश पर 6% से 12% तक रिटर्न देने का दावा किया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ता गया।

निवेशकों को एक ऐप और डिमैट अकाउंट जैसा प्लेटफॉर्म दिखाया जाता था, जहां मुनाफा दिखाई देता था। इससे प्रभावित होकर कई लोगों ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों को भी निवेश के लिए जोड़ दिया।


शानदार ऑफिस और लाइफस्टाइल से जीता भरोसा

पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने भिलाई में आकर्षक ऑफिस बनाया था और महंगी गाड़ियों सहित आलीशान जीवनशैली प्रदर्शित कर विश्वास हासिल किया। कुछ निवेशकों को बताया गया कि कंपनी का संचालन विदेश, खासकर दुबई से होता है।

जब निवेशक रकम निकालने की कोशिश करते, तो उन्हें “ऑडिट” या अन्य प्रक्रियाओं का हवाला देकर इंतजार करने को कहा जाता था।


भुगतान बंद होते ही खुली ठगी की परत

फरवरी 2025 के आसपास रिटर्न मिलना बंद हो गया। इसके बाद कई निवेशकों को धोखाधड़ी का शक हुआ। कुछ लोग कंपनी से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए विदेश तक पहुंचे, जहां उन्हें कथित तौर पर पता चला कि संबंधित कंपनी का आरोपियों से कोई संबंध नहीं है।

इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।


हजारों लोग प्रभावित, कई ने लगाई जीवनभर की बचत

पीड़ितों का दावा है कि इस नेटवर्क में 2500 से अधिक लोग फंस चुके हैं। किसी ने अपनी जीवनभर की बचत निवेश की, तो किसी ने लोन लेकर पैसा लगाया। कुछ लोगों ने बेटी की शादी या रिटायरमेंट के लिए जमा राशि भी इसमें लगा दी।

एक निवेशक ने बताया कि उसने करीब 1.28 करोड़ रुपये लगाए, जबकि कई अन्य लोगों ने 20–25 लाख रुपये तक का निवेश किया।


आरोपियों पर पहले भी मामले दर्ज होने की बात

पीड़ितों का कहना है कि मुख्य आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर पहले से भी शिकायतें दर्ज हैं। फिलहाल कुछ मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है, जबकि अन्य पीड़ित नई FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।


प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

निवेशकों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उनकी रकम वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों पर कठोर कदम उठाना जरूरी है ताकि भविष्य में लोग ऐसी ठगी का शिकार न हों।

पीड़ितों ने यह भी अपील की है कि मामले की जांच तेज की जाए और यदि आरोपी विदेश में हैं तो उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।


बढ़ते निवेश फ्रॉड पर चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे मुनाफे का लालच देकर किए जाने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहना चाहिए। बिना सत्यापन के किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले आधिकारिक जानकारी और पंजीकरण की जांच करना जरूरी है।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि तेजी से मुनाफे के वादों के पीछे छिपे जोखिमों को नजरअंदाज करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।