मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: 7 लाख कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना को मंजूरी, तलाकशुदा बेटियां भी होंगी पात्र

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने करीब 7 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन का लाभ मिल

एमपी कैबिनेट का बड़ा निर्णय, नई पेंशन योजना लागू करने को मंजूरी

भोपाल: मध्य प्रदेश में करीब 7 लाख सरकारी कर्मचारियों को प्रभावित करने वाला अहम निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 10 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में नई पेंशन योजना (NPS) से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किया गया।

इस फैसले के तहत अब तलाकशुदा बेटियां भी पेंशन पाने की पात्र होंगी, जिससे परिवारिक सुरक्षा दायरा बढ़ने की उम्मीद है।

क्या है नई पेंशन योजना (NPS)?

नई पेंशन योजना एक अनिवार्य योगदान आधारित पेंशन प्रणाली है, जिसे भारत सरकार ने वर्ष 2004 में शुरू किया था। इसमें कर्मचारी और सरकार दोनों निर्धारित अंशदान करते हैं। यह राशि निवेश की जाती है और रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में दी जाती है।

मध्य प्रदेश में 2004 के बाद से पुरानी पेंशन योजना (OPS) बंद कर NPS लागू की गई थी।

OPS और NPS में मुख्य अंतर

बिंदु नई पेंशन योजना (NPS) पुरानी पेंशन योजना (OPS)
शुरुआत 2004 1950
योगदान कर्मचारी और सरकार दोनों केवल सरकार
पेंशन बाजार आधारित निश्चित पेंशन
सुरक्षा रिटर्न बाजार पर निर्भर तय राशि की गारंटी
लचीलापन निवेश विकल्प चुनने की सुविधा लचीलापन नहीं

कर्मचारी क्यों कर रहे OPS की मांग?

प्रदेश के कई कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि OPS में रिटायरमेंट के बाद निश्चित पेंशन मिलती थी, जबकि NPS में पेंशन बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है।

कर्मचारियों का मानना है कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए गारंटीड पेंशन अधिक भरोसेमंद विकल्प है।

कैबिनेट बैठक में विकास से जुड़े अन्य फैसले

कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से संबंधित कई योजनाओं पर भी चर्चा की गई और आवश्यक निर्णय लिए गए। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा नई पेंशन योजना को मंजूरी मिलने को लेकर हो रही है।


सरकार के इस फैसले का असर लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों पर पड़ने की संभावना है, जबकि पेंशन व्यवस्था को लेकर बहस अभी भी जारी है।