सरदारपुर में जल संसाधन विभाग पर गड़बड़ी के आरोप, तालाब फूटने से किसानों की फसलें बर्बाद
सरदारपुर में जल संसाधन विभाग पर सवाल, तालाब फूटने से किसानों को भारी नुकसान
धार: जिले के सरदारपुर क्षेत्र में जल संसाधन विभाग के कामकाज को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा कुछ कार्य बिना नियमित निविदा प्रक्रिया के कराए गए, जिससे सरकारी धन के उपयोग पर भी चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में मौलाना तालाब के फूटने से आसपास के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल प्रभावित हुई थी। इसके बाद से ग्रामीण लगातार मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मरम्मत कार्य पर भी उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में तालाब की मरम्मत का कार्य कराया गया, जिसकी लागत करीब 36 लाख रुपये बताई जा रही है। कुछ जानकारों का मानना है कि यदि यह कार्य टेंडर प्रक्रिया से होता तो खर्च कम हो सकता था।
हालांकि इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
क्षेत्र के कई तालाबों की स्थिति चिंता का विषय
उपसंभाग क्षेत्र में करीब 62 सिंचाई तालाब बताए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय में मौलाना, चुनार और इंदिरा गांधी तालाब या तो क्षतिग्रस्त हुए हैं या मरम्मत की जरूरत में हैं।
साथ ही, कुछ स्थानों पर कराए गए कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
तकनीकी मानकों के पालन पर चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि तालाब की मरम्मत के दौरान आवश्यक तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ, जिससे संरचना कमजोर हो सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
विभाग से प्रतिक्रिया का इंतजार
मामले को लेकर जल संसाधन विभाग के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
ग्रामीणों और किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विषय में आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

Join the conversation