तिरला के चिलुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग महिला की मौत, रास्ते और सेप्टिक टैंक को लेकर हुआ था विवाद, Dhar News

धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र के ग्राम चिलुर में रास्ते और सेप्टिक टैंक विवाद के दौरान मारपीट में घायल 65 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।

तिरला के चिलुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग महिला की मौत, रास्ते और सेप्टिक टैंक को लेकर हुआ था विवाद



धार।
धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र के ग्राम चिलुर में रास्ते और सेप्टिक टैंक को लेकर हुए विवाद में घायल 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर समय पर कार्रवाई नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि 8 फरवरी को पड़ोसियों के बीच विवाद के दौरान हुई मारपीट में बुजुर्ग महिला हर बाई गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिनों तक इलाज चलने के बाद उनकी मौत हो गई।

रास्ते और सेप्टिक टैंक को लेकर हुआ विवाद

फरियादी और मृतका के भतीजे विजय पिता धुलसिंह कामदार ने तिरला थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनके परिवार द्वारा मकान का निर्माण कराया जा रहा था। इसी दौरान सेप्टिक टैंक के लिए खोदे गए गड्ढे और रास्ते को लेकर पड़ोसियों ने आपत्ति जताई।

विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया और देखते ही देखते आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

पांच आरोपियों ने किया हमला

विजय कामदार के अनुसार विवाद के दौरान आरोपी जीवन, सरवर, संदीप, सीताबाई और राधाबाई ने मिलकर उन पर और उनकी बुआ हर बाई पर हमला कर दिया। इस हमले में हर बाई को गंभीर चोटें आईं।

परिजनों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी हालत गंभीर होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप

हर बाई की मौत के बाद भतीजे विजय कामदार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना देकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।

उनका आरोप है कि पुलिस ने एमएलसी रिपोर्ट का इंतजार करने का हवाला देकर कार्रवाई टाल दी, जिससे आरोपी खुलेआम घूमते रहे। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस सख्त कार्रवाई करती, तो शायद उनकी बुआ की जान बचाई जा सकती थी।

धारदार हथियारों से हमले का दावा

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया था। घटना के बाद से पूरा परिवार दहशत में है और उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

वहीं पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।